मची दहशत: जांच के बीच यहां के रेंजर का जहरीला बयान – बंदूक होती तो मार देता गोली

मची दहशत

मची दहशत: जांच के बीच यहां के रेंजर का जहरीला बयान – बंदूक होती तो मार देता गोली

बलौदा बाजार में वन कर्मचारियों की हड़ताल तेज, सोनाखान रेंजर सुनीत साहू पर गाली-गलौज और धमकी का आरोप। जांच के दौरान बोले – बंदूक होती तो गोली मार देता, इससे मची दहशत। कर्मचारियों ने तत्काल भारमुक्ति की मांग की।

प्रशासनिक रिपोर्टर|बलौदा बाजार

छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार में वन विभाग के भीतर मचा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा। दशहरा मैदान में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे वनकर्मी अब और ज्यादा आक्रोशित हो उठे हैं। वजह है सोनाखान परिक्षेत्र अधिकारी सुनीत साहू का वह चौंकाने वाला बयान जिसने कर्मचारियों के बीच दहशत फैला दी है। आरोप है कि विभागीय जांच के दौरान ही साहू ने खुलेआम कह दिया – मेरे पास बंदूक होती तो मैं इन सभी को गोली मार देता।

मची दहशत
प्रदर्शन करते कर्मचारी।

छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ बलौदा बाजार इन दिनों सोनाखान परिक्षेत्र अधिकारी सुनीत साहू को भारमुक्त करने की मांग को लेकर दशहरा मैदान में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। कर्मचारियों का आरोप है कि साहू लगातार अभद्र व्यवहार और धमकियों से स्टाफ को प्रताड़ित कर रहे हैं। उनका व्यवहार क्रूर हो गया है।

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कर्मचारियों के मुताबिक 13 अगस्त को जहां दुकालू पटेल और संतोष मांझी के साथ तो 15 अगस्त को सोनाखान परिक्षेत्र कार्यालय में कार्यरत सभी कर्मचारियों को और 23 अगस्त को हितेंद्र डहरिया के साथ साहू ने गाली-गलौज की, जेल भिजवाने और निलंबित करवाने की धमकी दी। इन घटनाओं की शिकायत पर वनमंडल अधिकारी बलौदा बाजार ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की, जिसमें उप वनमंडल अधिकारी बलौदा बाजार निश्चल शुक्ला, उपवनमंडल अधिकारी अनिल वर्मा और देवपुर परिक्षेत्र अधिकारी संतोष पैकरा शामिल हैं। टीम की जांच चल ही रही, तभी 22 सितंबर को इसी जांच के दौरान सुनीत साहू का विवादित बयान सामने आया जिसने पूरे मामले को विस्फोटक बना दिया। कर्मचारियों का कहना है कि जांच समिति के सामने जब वे बयान दर्ज करने पहुंचे थे उस समय जांच टीम के सामने ही सुनीत साहू ने कहा कि मैं 15 अगस्त को कर्मचारियों के व्यवहार से आपा खो दिया था। मेरे पास बंदूक होती तो मैं सभी को गोली मार देता। इस बयान के बाद कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। वहीं इस संबंध में जब जांच अधिकारी अनिल वर्मा से बात की गई तो उन्होंने स्वीकार किया कि बयान दर्ज करने के दौरान कर्मचारी और परिक्षेत्र अधिकारी के बीच आरोप प्रत्यारोप के बीच आक्रमण होकर उन्होंने ऐसा कहा। अभी भी जांच चल रही है, कर्मचारी जो एविडेंस देंगे उसी आधार पर कार्यवाही होगी, हालांकि पूरा घटनाक्रम मौखिक है, लेकिन कार्यशाली उनका आक्रामक है और समन्वय की कमी यह रिपोर्ट में जाएगी।

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पीड़ित कर्मचारियों के बयान

दुकालू राम पटेल, वन कर्मचारी ने बताया कि मैं 13 अगस्त को संतोष मांझी के साथ बलौदा बाजार कार्यालय आ रहा था, तभी लाहौद में सुनीत साहू ने सरकारी वाहन से रास्ते में रोककर हमें गाली-गलौज की और धमकी दी।

अश्विनी कुमार रात्रे, वन कर्मचारी ने बताया कि 22 सितंबर को जांच अधिकारियों के सामने ही साहू ने कहा कि बंदूक होती तो सबको गोली मार देते।

उमा साहू वन कर्मचारी ने कहा सोना खान क्षेत्र के सभी कर्मचारी सुनीत साहू की प्रताड़ना से परेशान हैं।

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विवाद और तबादले की गूंज

सूत्रों के अनुसार, सुनीत साहू जब बिलासपुर जिले के रतनपुर क्षेत्र में पदस्थ थे, तब भी उनका व्यवहार कर्मचारियों के प्रति आक्रामक और धमकी भरा रहा। वहां भी कर्मचारियों ने विरोध दर्ज कराया था जिसके बाद उनका तबादला कर दिया गया था। यही सिलसिला अब बलौदा बाजार में दोहराया जा रहा है।

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संरक्षण का आरोप, मची दहशत के बीच भारमुक्ति की मांग

कर्मचारियों का कहना है कि सुनीत साहू का तबादला हो चुका है, हाई कोर्ट में याचिका दायर करने के बाद कोर्ट ने उन्हें अभिव्यावेदन प्रस्तुत करने के लिए कहा है, वरिष्ठ अधिकारी उन्हें संरक्षण दे रहे हैं। कोर्ट ने विभाग को उनके अभ्यावेदन पर सुनवाई का आदेश जरूर दिया है, मगर कर्मचारियों का आरोप है कि तबादला होने के बाद भी साहू को भारमुक्त नहीं किया गया, उन्हें कोर्ट जाने का समय दिया गया। कर्मचारियों ने मांग किया कि उन्हें जल्द भार मुक्त किया जाए।

कर्मचारियों का अल्टीमेटम

हड़ताल पर बैठे वनकर्मियों की मांग है कि परिक्षेत्र अधिकारी सुनीत साहू को तत्काल भारमुक्त किया जाए। विभागीय जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी की जाए। कर्मचारियों को मिल रही धमकियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

रिपोर्ट आना बाकी है

वनमण्डलाधिकारी गणवीर धम्मशील ने कर्मचारियों के हड़ताल और गोली मारने के मामले में कहा कि रिपोर्ट आना अभी बाकी है।

 

Deependra Shukla
Author: Deependra Shukla

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